मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रू सरल, सादगी और संवेदनशीलता के साथ विकास यात्रा का सशक्त नेतृत्व….

रायपुर: किसान परिवार से निकलकर छत्तीसगढ़ प्रदेश के सर्वाेच्च नेतृत्व तक पहुंचने वाले मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने सरल व्यक्तित्व, विनम्र व्यवहार और जनसेवा की भावना से जनता के बीच एक अलग पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री श्री साय का सार्वजनिक जीवन सादगी, जनसेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने के संकल्प का प्रतीक माना जाता है। लंबे समय तक जनप्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों, वनवासियों, युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों की समस्याओं को निकट से समझा और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। सत्ता के शीर्ष पद पर होने के बावजूद उनकी सादगी और सहजता आज भी उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
मुख्यमंत्री श्री साय आम जनता से सीधे संवाद को लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति मानते हैं। जनदर्शन, सुशासन तिहार और विभिन्न जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से वे स्वयं लोगों की समस्याएं सुनते हैं और उनके समाधान के लिए त्वरित पहल करते हैं। बुजुर्गों के प्रति सम्मान, बच्चों के प्रति स्नेह तथा जरूरतमंदों की सहायता के लिए तत्परता उनके व्यक्तित्व की विशेष पहचान है।
आदिवासी समाज से आने वाले मुख्यमंत्री श्री साय अपनी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों से गहराई से जुड़े हुए हैं। गांवों में बैठकर लोगों से चर्चा करना, उनकी समस्याओं को समझना और विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। पिछले ढाई वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने जनकल्याण, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, अधोसंरचना, निवेश और सुशासन के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।
सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना रहा है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के माध्यम से लाखों महिलाओं को 1000 रुपए प्रतिमाह आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इस वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने 8,200 करोड़ रूपये का बजट महतारी वंदन योजना के लिए आवंटित किया है। महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ में महिलाओं के स्वावलंबन, स्वास्थ्य और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जो लाखों महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार ला रही है।
छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान हैं। राज्य सरकार ने धान खरीदी को प्राथमिकता देते हुए किसानों से 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी सुनिश्चित की तथा लाखों किसानों को आर्थिक लाभ पहुंचाया। प्रदेश में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार ने बड़ी पहल करते हुए लाखों आवासों को स्वीकृति प्रदान की। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं का विस्तार हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। तेज गति से चल रहे निर्माण कार्यों के चलते प्रदेश में लाखों जरूरतमंद परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है।
बस्तर के जंगलों में उत्पादित होने वाले तेंदूपत्ता, आदिवासी समाज की जिंदगी का अहम हिस्सा है। इसी तेंदूपत्ता के सहारे हजारों गांवों में गर्मियों के महीनों में रोज़गार मिलता है। इस काम में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल होती हैं, जिससे परिवार की कुल आय में संतुलन बनता है। यही वजह है कि तेंदूपत्ता संग्रहण को सरकार ग्रामीण रोजगार का मजबूत जरिया मानती है। राज्य सरकार ने तेन्दूपत्ता संग्राहकों को बड़ी रहत देते हुए तेंदूपत्ता संग्रहण दर में अहम बदलाव किया है। पूर्व में मिलने वाली राशि को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये किया है। यह बढ़ोतरी सीधे-सीधे संग्राहकों लाभ पहुंचा रही है। जानकारों के अनुसार पहले बढ़ती महंगाई के मुकाबले संग्रहण की दर कम पड़ रही थी, लेकिन नई दर से मजदूरी और मेहनत का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुरक्षा के साथ-साथ संवेदनशील पुनर्वास और विकास पर भी समान रूप से कार्य कर रही है। नक्सली सरेंडर, विक्टिम रिलीफ एंड रिहैबिलिटेशन पॉलिसी-2025 के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को वित्तीय सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर तथा आवास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक और मुख्यधारा से जुड़ा जीवन प्रदान किया जा रहा है।
एक नवंबर 2024 से लागू छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति 2024-30 राज्य को निवेश और उद्योगों के लिए नई पहचान दे रही है। न्यूनतम शासन, अधिकतम प्रोत्साहन के सिद्धांत पर आधारित यह नीति उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल बनाती है।
व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, पूरी तरह ऑनलाइन आवेदन, समयबद्ध स्वीकृति और त्वरित प्रोसेसिंग जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। इससे उद्यमियों को कम समय में आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त हो रही हैं और कारोबार करने में सुगमता बढ़ी है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में मजबूत और आधुनिक परिवहन नेटवर्क के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया है। राज्य में रेल, सड़क और हवाई संपर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिससे उद्योग, व्यापार, पर्यटन और आम नागरिकों की आवाजाही पहले से अधिक सुगम हुई है
छत्तीसगढ़ सरकार राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों का निरंतर उन्नयन, नई सड़कों और पुलों का निर्माण तथा दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के प्रयासों ने प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई गति दी है। इससे माल परिवहन की लागत और समय में कमी आई है, जिससे उद्योगों और निवेशकों को सीधा लाभ मिल रहा है।
राज्य शासन की पहल से रेल नेटवर्क के विस्तार और नई रेल परियोजनाओं के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्रों, खनिज संपदा वाले इलाकों और प्रमुख शहरों को बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, हवाई सेवाओं के विस्तार, नए एयर रूट और बेहतर विमानन सुविधाओं से राज्य की राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच और भी मजबूत हुई है। बेहतर परिवहन अवसंरचना के कारण छत्तीसगढ़ आज निवेश, व्यापार और पर्यटन के लिए अधिक आकर्षक बन रहा है। यह मजबूत कनेक्टिविटी राज्य के समग्र आर्थिक विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ रोजगार और क्षेत्रीय विकास के नए अवसर भी सृजित कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर रुख अपनाते हुए प्रशासनिक जवाबदेही को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। योजनाओं में लापरवाही और अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को शासन की आधारशिला बनाया है। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत प्रशासन को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और जन-केंद्रित बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं।
सरकार ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित जांच, दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई, तथा अनियमितताओं में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की निगरानी को तकनीक आधारित बनाया गया है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों मजबूत हुई हैं। इसके लिए ई-ऑफिस, सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ई-गवर्नेंस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सरल और जवाबदेह बनाया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने के लिए सुशासन तिहार के माध्यम से प्रदेश में कही भी औचक निरीक्षण की व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किया है। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं जिला प्रशासन द्वारा नियमित औचक निरीक्षणों के माध्यम से जिलों के सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, राशन दुकानों और विभिन्न विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन किया जा रहा है।
इन निरीक्षणों के दौरान लापरवाही, अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामलों में तत्काल कार्रवाई, जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई तथा आवश्यक सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं। इससे प्रशासनिक तंत्र में अनुशासन बढ़ा है और अधिकारियों की जवाबदेही पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है।
औचक निरीक्षणों के परिणामस्वरूप सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। आम नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं में सुधार आया है तथा जनता का शासन व्यवस्था पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है। सुशासन की इसी कार्य पद्धति के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करे तथा शासन की प्रत्येक योजना का लाभ समय पर और प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए युग की ओर तेजी से अग्रसर है। सरकार का लक्ष्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से प्रत्येक नागरिक तक विकास का लाभ पहुँचाना है। सुशासन, पारदर्शिता, निवेश, अधोसंरचना, कृषि, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार और औद्योगिक विकास को केंद्र में रखकर राज्य में व्यापक परिवर्तन की दिशा में कार्य किया जा रहा है। नई औद्योगिक नीति, बेहतर सड़क, रेल और हवाई संपर्क, डिजिटल शासन, भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस, किसानों और महिलाओं के हित में लागू योजनाएँ तथा बुनियादी सुविधाओं का विस्तार विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं।
राज्य सरकार का संकल्प है कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को आत्मसात करते हुए छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जाए। विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और प्रत्येक क्षेत्र में संतुलित एवं समावेशी प्रगति सुनिश्चित करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
विकसित छत्तीसगढ़ का यह अभियान केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, सुशासन और आधुनिक अधोसंरचना के माध्यम से एक समृद्ध, आत्मनिर्भर, सशक्त और खुशहाल छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य निरंतर नए अवसरों, नई उपलब्धियों और नई संभावनाओं के साथ विकास की नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
सरल व्यक्तित्व, संवेदनशील हृदय और सशक्त नेतृत्व यही मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहचान है, जो छत्तीसगढ़ को विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर कर रही है।




