नगरनार स्टील प्लांट के लिए लाये गए आयरन ओर की चोरी का खुलासा
कुम्हार मारेंगा रेलवे सायडिंग से निकलने वाला माल स्टील प्लांट पहुँचने से पहले हो रहा गायब

- नगरनार स्टील प्लांट के लिए लाये गए आयरन ओर की चोरी का खुलासा
- कुम्हार मारेंगा रेलवे सायडिंग से निकलने वाला माल स्टील प्लांट पहुँचने से पहले हो रहा गायब
- सरगीपाल के एक निजी यार्ड में उतारा जा रहा चोरी का लोहा
- हर महीने हो रही करोड़ों की हेराफेरी
- बैलाडीला से रायपुर तक सक्रिय लोहा चोरों का गिरोह
- धनबल और राजनीतिक दबाव से मामला दबाने की कोशिश
देवशरण तिवारी
जगदलपुर (हाईवे चैनल ) जगदलपुर स्थिति सभी रेलवे साइडिंग्स से आयरन ओर की चोरी की ख़बरें लगातार मिल रही हैं। कुछ ट्रांसपोर्टर और रेक हेंडलिंग से जुड़े ठेकेदार लगातार इस गोरखधंधे में लगे हुए हैं। बैलाडीला से रायपुर के स्पंज आयरन और स्टील उद्योगों के लिए यह आयरन ओर जगदलपुर की तीन रेलवे साइडिंग में अनलोड किया जाता है।उसके बाद ट्रकों से इसे रायपुर भेजा जाता है। इस आयरन ओर के परिवहन की आड़ में रायपुर के उद्योगपतियों का कच्चा लोहा चुराकर दुसरे व्यापारियों को सस्ते में बेच कर कतिपय लोग हर महीने करोड़ों का काला मुनाफा कमा रहे रहे हैं। यह चोरी का माल, वैध माल और उसके अभिवहन पास के सहारे ओवरलोड की शक्ल में रायपुर भेजा जा रहा है। जगदलपुर से रायपुर के बीच कई पुलिस थानों और खनिज विभाग के नाकों को पार कर के यह चोरी का लोहा रायपुर पहुँचाया जा रहा है। इस तीन सौ किलोमीटर के पूरे रास्ते में इन्हें ना ही रोका जाता है और ना ही इनके कागज़ और माल के वास्तविक वजन की तस्दीक की जाती है।ज़ाहिर है कि यह सरकारी सुविधा तस्करों को क्यों उपलब्ध कराई जा रही है। इस काले धंधे को बेरोकटोक जारी रखने के लिए ऊपर से नीचे तक सबका हिस्सा तय कर दिया गया है। जो पैसे से नहीं मानता उस पर राजनीतिक दबाव बनाया जाता क्यों कि इस पूरे गिरोह का सरगना चित्रकोट इलाके का एक बड़ा भाजपा नेता है जिसके संरक्षण में यह काला कारोबार बिना किसी रोकटोक दिन रात जारी है। हद तो तब हो गयी जब इन तस्करों ने नगरनार स्टील प्लांट के लिए आयी रेलवे रैक पर ही हाथ साफ कर दिया।

कुम्हार मारेंगा स्थिति नगरनार स्टील प्लांट के लिए संचालित की जा रही रेलवे साइडिंग से निकला एक ट्रक कच्चा लोहा नगरनार पहुँचाने की बजाय इन लोहा चोरों ने अपने यार्ड में ही उतरवा लिया। नगरनार स्टील प्लांट के अधिकारियों ने इसकी शिकायत नगरनार थाने में दर्ज करवाई है लेकिन अब तक इन चोरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी है।

पूरा मामला इस प्रकार है। शुक्रवार को बैलाडीला से आये और कुम्हार मारेंगा रेलवे सायडिंग में अनलोड हुए आयरन ओर की ढुलाई की जा रही थी। ट्रकों में भरकर माल नगरनार स्टील प्लांट भेजा जा रहा था इसी बीच महादेव ट्रांसपोर्ट के आशीष मिश्रा की ट्रक में 31.5 टन आयरन ओर सीएलओ भरकर नगरनार के लिए रवाना किया गया लेकिन यह आयरन ओर नगरनार में खाली करने की बजाय कोमल देव झा अर्थात भोला झा के सरगीपाल स्थिति निजी यार्ड में खाली करवा दिया गया।इस माल की कीमत दो लाख तीरेसठ हज़ार रुपये बताई गयी है।खाली करने के बाद यह ट्रक दोबारा माल भरने कुम्हार मारेंगा रेलवे सायडिंग कुछ इस तरह से बेखौफ़ पहुंचा जैसे यह उसका रोज का काम हो।शायद तस्करों के नेटवर्क में कहीं कोई गड़बड़ी आ गयी और मामला खुल गया।जब यहाँ पदस्थ एनएमडीसी के स्टाफ ने खनिज ऑनलाइन पोर्टल में चेक किया तो पाया कि इस गाड़ी द्वारा पहले भेजा गया माल स्टील प्लांट तक पहुंचा ही नहीं है ।फिर क्या था सायडिंग से लेकर प्लांट तक खलबली मंच गयी। चौबीस घंटे तक मामले को दबाने का पूरा प्रयास किया गया। यह सायडिंग परपा थाना अंतर्गत अवस्थित है जबकि जहाँ चोरी का माल उतारा गया है वह स्थान बोधघाट थाना अंतर्गत आता है लेकिन इन दोनों थानों को सूचना नहीं दी गयी और अंदर ही अंदर मामले को रफा दफा करने के प्रयास चलते रहे। धीरे धीरे यह खबर बाहर आने लगी तब कहीं जाकर घटना के तीस घंटे बाद नगरनार थाने में स्टील प्लांट के अधिकारियों द्वारा इस चोरी की शिकायत दर्ज करवाई गयी है । सूत्रों का कहना है कि इस तरह की चोरी हर रैक के परिवहन के दौरान इसी गिरोह के माध्यम से की जा रही है लेकिन धन-बल और उक्त भाजपा नेता के राजनीतिक दबाव के चलते इन लोहा चोरों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।एनएमडीसी के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार इस घटना में स्पष्ट रूप से विशाखापत्तनम की ट्रांसपोर्ट कंपनी इंट्रीगल ट्रांसपोर्ट और वाहन मालिक के रूप में महादेव ट्रांसपोर्ट के आशीष मिश्रा का नाम सामने आया है। साथ ही चोरी का लोहा रखने वाले यार्ड के मालिक के रूप में भोला झा की भूमिका उजागर हुई है। सबकुछ स्पष्ट है लेकिन अभी तक ना ही चोरी का लोहा जप्त किया गया है और ना ही इस चोरी में शामिल गिरोह के लोगों को हिरासत में लिया गया है। इन सब के बीच बस्तर जिले के खनिज विभाग की ख़ामोशी यह बताती है कि यह विभाग कितनी ईमानदारी और सजगता से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहा है।





